कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना में पॉजिटिव रिपोर्ट जरूरी नहीं


कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना के लाभ के लिए पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य नहीं

हाईकोर्ट ने कोविड-19 ड्यूटी के दौरान मृत सरकारी कर्मचारी की पत्नी को मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ 90 दिनों में देने का आदेश दिया है। सरकार ने कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट न होने के कारण आवेदन खारिज कर दिया था, जिसे कोर्ट ने गलत माना और ₹50 लाख मुआवजे का आदेश दिया।

सरकारी कर्मचारी की पत्नी को राहत

कोविड महामारी के दौरान मरीजों की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले एक सरकारी कर्मचारी की पत्नी को हाईकोर्ट ने योजना के तहत सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने यह कहकर आवेदन खारिज किया था कि मृतक की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।

याचिका का विवरण

जबलपुर निवासी अंजू मूर्ति उपाध्याय ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि उनके पति कलेक्ट्रेट कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत थे और कोविड के दौरान प्रवासी मजदूरों की बस और एंबुलेंस की व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे थे। इस दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया और मृत्यु हो गई।

सरकारी परिपत्र का हवाला

याचिका में बताया गया कि राज्य सरकार ने 17 अप्रैल 2020 को एक परिपत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि यदि कोई कर्मचारी कोविड ड्यूटी पर था, तो पॉजिटिव रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी। यह परिपत्र 23 अप्रैल को संशोधित भी किया गया था।

कोर्ट का निर्णय

न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आवेदन खारिज किया जाना गलत है और निर्देश दिए कि 90 दिनों के भीतर योजना के तहत ₹50 लाख की सहायता राशि दी जाए। यह योजना कोविड-19 ड्यूटी पर जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों के लिए है।

मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना का उद्देश्य समाज की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारियों को सम्मान और उनके परिवार को आर्थिक सहायता देना है।




पत्रिका

...
Pratiyogita Nirdeshika September 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे
...
Pratiyogita Nirdeshika August 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे