भारत-इटली संबंध अब विशेष रणनीतिक साझेदारी में परिवर्तित
20 मई को भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करते हुए इन्हें विशेष रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया। इससे पहले यह संबंध केवल रणनीतिक साझेदारी के रूप में थे।
रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। दोनों नेताओं ने भारत-इटली संबंधों के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और वर्ष 2025-29 की कार्ययोजना की समीक्षा की।
बैठक में यह भी तय हुआ कि इस कार्ययोजना की बेहतर निगरानी के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के नेतृत्व में एक स्थायी व्यवस्था बनाई जाएगी।
दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-इटली साझेदारी को एक व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी दिशा दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री मेलोनी ने इसे लोकतंत्र और साझा मूल्यों पर आधारित मजबूत साझेदारी बताया।
आतंकवाद के मुद्दे पर भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई और इसके वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया।
यूक्रेन, पश्चिम एशिया और वैश्विक तनावों पर भी दोनों देशों ने बातचीत जारी रखने और समाधान के लिए कूटनीति का समर्थन किया।
यूरोपीय देशों के साथ भारत के संबंधों में विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी की हालिया यूरोप यात्रा के दौरान कई देशों के साथ संबंधों का दर्जा बढ़ाया गया, जिससे भारत-यूरोप सहयोग और मजबूत हुआ है।
नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देश बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देख रहे हैं।
‘मेलोडी’ टॉफी और वायरल पल
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को एक विशेष “मेलोडी” टॉफी भेंट की, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई।
इस शब्द “मेलोडी” का निर्माण दोनों नेताओं के नामों को जोड़कर किया गया है और यह पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा में रहा है।



