एआई जनरेटेड वीडियो, डीपफेक और वॉइस क्लोनिंग पर लेबल लगाना अनिवार्य
केंद्र सरकार ने आईटी नियम 2021 में संशोधन के लिए एक नया ड्राफ्ट जारी किया है और इस पर आम जनता से सुझाव मांगे हैं। इसके साथ ही 30 मार्च को जारी मूल ड्राफ्ट में 21 अप्रैल को अतिरिक्त बदलाव भी किए गए हैं।
नए प्रस्ताव के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बने वीडियो, डीपफेक और वॉइस क्लोनिंग कंटेंट पर लेबल लगाना अनिवार्य होगा।
ऐसा कोई भी कंटेंट जो असली जैसा दिखता है लेकिन AI की मदद से बनाया या बदला गया है, उसे स्पष्ट रूप से AI जनरेटेड बताया जाएगा। इसमें डीपफेक वीडियो, नकली तस्वीरें और AI वॉइस क्लोनिंग शामिल हैं।
सरकार ने सभी सोशल मीडिया इंटरमीडियरी के लिए इन नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया है। यह नियम समाचार और समसामयिक विषयों से जुड़े कंटेंट पर भी लागू हो सकते हैं, हालांकि सामान्य उपयोगकर्ताओं को न्यूज पब्लिशर नहीं माना जाएगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को ऐसे कंटेंट पर कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है, और कुछ मामलों में बिना शिकायत के भी जांच शुरू की जा सकती है।
इसके अलावा, सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर डेटा को कम से कम 180 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।