देश के पहले स्वदेशी ग्लाइड वेपन सिस्टम टीएआरए का सफल परीक्षण
रक्षा क्षेत्र में भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश में पहली बार ऐसा स्वदेशी ग्लाइडेड हथियार विकसित किया गया है, जो बिना गाइड वाले वॉरहेड्स को सटीक निर्देशित हथियारों में बदलने की क्षमता रखता है।
इस प्रणाली का नाम टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन (TARA) है, जो एक मॉड्यूलर रेंज एक्सटेंशन किट के रूप में काम करती है।
टीएआरए सिस्टम की विशेषताएं
टीएआरए दुश्मन पर सटीक और प्रभावी हमला करने की क्षमता बढ़ाता है और मौजूदा हथियारों की रेंज और सटीकता को बेहतर बनाता है।
इसे हैदराबाद स्थित एक अनुसंधान केंद्र ने DRDO प्रयोगशालाओं के सहयोग से डिजाइन और विकसित किया है।
यह तकनीक भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



