जानापाव बनेगा परशुराम और श्रीकृष्ण लोक
भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानापाव पहुंचकर भगवान परशुराम की जन्मस्थली व तपोभूमि में पूजा-अर्चना की।
इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि जानापाव को “भगवान परशुराम और श्रीकृष्ण लोक” के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञाता थे।
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम चिरंजीवी हैं और भीष्म, द्रोणाचार्य तथा कर्ण जैसे महान योद्धाओं के गुरु रहे हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन और उनके सिद्धांत आज भी प्रेरणादायक और प्रासंगिक हैं।
जानापाव विकास योजना
जानापाव को लगभग ₹17.5 करोड़ की लागत से एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
- मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण
- आधारभूत सुविधाओं का विकास
- सड़क मार्गों का विस्तार
- आकर्षक प्रकाश व्यवस्था
- श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं
धार्मिक पर्यटन और नदी पुनर्जीवन
जानापाव चंबल, गंभीर, अजनार और चोरल सहित कई नदियों का उद्गम स्थल है। सरकार गंभीर और अजनार नदियों को पुनर्जीवित करेगी, जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को भी भव्य तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक उषा ठाकुर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री को भगवान परशुराम की प्रतिमा और परशु भेंट किया गया।



