JoSAA काउंसलिंग 2025 शुरू: IIT, NIT सहित 138 संस्थानों में प्रवेश, रैंक अनुसार कॉलेज और ब्रांच की संभावनाएं


IIT, NIT समेत 138 टॉप संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

जेईई एडवांस के परिणाम घोषित होने के बाद अब विद्यार्थियों में सबसे अधिक उत्सुकता कॉलेज और ब्रांच के चयन को लेकर है। हर छात्र की इच्छा होती है कि उसे एक प्रतिष्ठित आईआईटी के साथ अपनी पसंदीदा ब्रांच भी मिले।

आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी (IIIT) और जीएफटीआई (GFTI) में प्रवेश के लिए JoSAA (जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी) की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।

JoSAA काउंसलिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को 138 संस्थानों के 900 से अधिक प्रोग्रामों में एक बार चॉइस फिलिंग करने का अवसर मिलेगा।

रैंक के अनुसार कॉलेज और ब्रांच मिलने की संभावनाएं

रैंक 100 से कम

शिक्षा विशेषज्ञ अमित आहूजा के अनुसार, जिन विद्यार्थियों की ऑल इंडिया रैंक (AIR) 100 से कम है, उन्हें IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT कानपुर और IIT मद्रास में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) मिलने की प्रबल संभावना रहती है।

विद्यार्थियों की पहली पसंद आमतौर पर IIT बॉम्बे की कंप्यूटर साइंस ब्रांच होती है, जो लगभग AIR 61 तक बंद हो जाती है। इसके बाद IIT दिल्ली, IIT कानपुर और IIT मद्रास की CSE शाखाओं को प्राथमिकता दी जाती है।

रैंक 100 से 500

इस रैंक सीमा के विद्यार्थियों को IIT दिल्ली और IIT कानपुर में मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग (MnC), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसी शाखाएं मिलने की संभावना रहती है। IIT खड़गपुर में कंप्यूटर साइंस भी मिल सकती है।

रैंक 500 से 1000

इस रैंक के छात्रों को IIT BHU (वाराणसी), IIT रुड़की, IIT हैदराबाद और IIT गुवाहाटी में कंप्यूटर साइंस मिलने की संभावना रहती है। इसके अलावा IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली और IIT कानपुर में कोर इंजीनियरिंग शाखाएं मिल सकती हैं।

रैंक 1000 से 4000

इस रैंक सीमा के विद्यार्थियों को IIT गांधीनगर, IIT इंदौर, IIT रोपड़, IIT मंडी, IIT जोधपुर, IIT धनबाद, IIT पटना और IIT भुवनेश्वर में कंप्यूटर साइंस शाखा मिलने की संभावना रहती है।

साथ ही IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT कानपुर और IIT खड़गपुर में कंप्यूटर साइंस के अलावा मैकेनिकल, केमिकल, सिविल, एयरोस्पेस और प्रोडक्शन इंजीनियरिंग जैसी शाखाएं मिल सकती हैं।

रैंक 4000 से 8000

इस रैंक पर IIT रुड़की, IIT गुवाहाटी, IIT खड़गपुर, IIT हैदराबाद और IIT BHU में सिविल, केमिकल और मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग जैसी शाखाएं मिलने की संभावना रहती है।

इसके अलावा IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT कानपुर और IIT मद्रास में लोअर ब्रांचेज तथा IIT पलक्कड़, IIT तिरुपति, IIT गोवा, IIT धारवाड़, IIT भिलाई और IIT जम्मू में कंप्यूटर साइंस मिलने की संभावना बन सकती है।

रैंक 8000 से 12000

इस रैंक के विद्यार्थियों को IIT रोपड़, IIT मंडी, IIT इंदौर, IIT गांधीनगर, IIT जोधपुर, IIT भुवनेश्वर, IIT पटना और IIT धनबाद में कोर शाखाओं के साथ अन्य इंजीनियरिंग शाखाएं मिलने की संभावना रहती है।

पुराने IITs में बायोलॉजिकल साइंस, नेवल आर्किटेक्चर, माइनिंग इंजीनियरिंग, पॉलीमर साइंस और सिरेमिक इंजीनियरिंग जैसी शाखाएं भी उपलब्ध हो सकती हैं।

रैंक 12000 से 17000

12,000 से 17,000 के बीच रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को नए IITs जैसे IIT पलक्कड़, IIT तिरुपति, IIT गोवा, IIT धारवाड़, IIT भिलाई और IIT जम्मू में विभिन्न शाखाओं में प्रवेश मिलने की संभावना रहती है।

कैटेगरी और फीमेल पूल कोटा का प्रभाव

IIT में सीट मिलने की संभावना उम्मीदवार की कैटेगरी के अनुसार बदलती है। इसके अलावा छात्राओं को मिलने वाले 20 प्रतिशत फीमेल सुपरन्यूमेरेरी कोटा के कारण कई बार अपेक्षाकृत अधिक रैंक पर भी बेहतर शाखाओं और संस्थानों में प्रवेश मिल सकता है।




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