721 साल बाद भोजशाला में शुक्रवार को हुई मां वाग्देवी की महाआरती
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद धार नगर स्थित भोजशाला में मां वाग्देवी की महाआरती और विशेष पूजन आयोजित किया गया। हाई कोर्ट से मिले 365 दिन निर्बाध पूजा-अर्चना के अधिकार के बाद 22 मई को यह ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ।
पूरे धार अंचल में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। शहर को विशेष रूप से सजाया गया और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को महाआरती में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
सुबह 9 बजे हुई महाआरती
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हिंदू पक्ष द्वारा सुबह 9 बजे भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी की महाआरती की गई। इसके बाद दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए पहुंचे।
721 वर्षों बाद ऐतिहासिक अवसर
721 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद यह पहला अवसर माना जा रहा है जब 22 मई को भोजशाला परिसर मां वाग्देवी के जयकारों से गूंज उठा।
अब तक प्रत्येक शुक्रवार को यहां मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति दी जाती थी, लेकिन हाई कोर्ट के निर्णय के बाद पूजा-अर्चना को लेकर नया अध्याय शुरू हुआ है।
धार में उत्सव जैसा माहौल
भोजशाला में आयोजित इस विशेष पूजा और महाआरती को लेकर धार शहर और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण बताया।