सड़क दुर्घटनाओं में मध्यप्रदेश देश में दूसरे और मौतों में चौथे स्थान पर
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2024 की रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
राज्य में 55,711 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिससे यह देश में तमिलनाडु के बाद दूसरे स्थान पर है।
वहीं 16,831 लोगों की मौत के साथ मध्यप्रदेश देश में चौथे स्थान पर है।
सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण
- लगभग 53% मृतक दोपहिया वाहन चालक या सवार थे।
- 75% मामलों में हेलमेट नहीं पहना गया था।
- तेज रफ्तार से 31,554 दुर्घटनाएं हुईं जिनमें 8,429 मौतें हुईं।
- नशे में वाहन चलाना बड़ी वजह बना।
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से 126 दुर्घटनाएं हुईं।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर 4,711 मौतें दर्ज की गईं, जो देश में कुल मौतों का 7.7% है। राज्य मार्गों पर 3,425 मौतें हुईं।
अन्य गंभीर आंकड़े
- नशे में ड्राइविंग से होने वाली मौतों में मध्यप्रदेश का हिस्सा 13% है।
- प्रति लाख 52 लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं।
अन्य दुर्घटनाओं में मौतें
वर्ष 2024 में गैर-यातायात दुर्घटनाओं में 45,695 लोगों की मौत हुई।
- बिजली गिरने से 577 मौतें (देश में सबसे अधिक)।
- करंट लगने से 1,495 मौतें।
- हीटवेव और बिजली गिरने से 1,085 मौतें।
- हार्ट अटैक से 2,115 अचानक मौतें।
- स्ट्रक्चर गिरने से 179 मौतें।
- पुल ढहने से 5 मौतें।
बाल अपराध की चिंताजनक स्थिति
- 3,474 नाबालिगों द्वारा अपराध (देश में तीसरा स्थान)।
- 260 दुष्कर्म के मामले (देश में सर्वाधिक)।
- 22 आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले।
- 101 हत्या के मामले।
- 12 संगठित अपराध के मामले (देश में सर्वाधिक)।
हालांकि 2022 और 2023 की तुलना में थोड़ी कमी दर्ज की गई है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।



