मप्र में 1.20 लाख पद खत्म, इन पर नहीं होंगी नई भर्तियाँ
मध्यप्रदेश में अब 1,20,710 पदों पर भविष्य में कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी।
सामान्य प्रशासन विभाग ने कार्यभारित, आकस्मिकता निधि और संविदा-कोटवार श्रेणी के पदों को डाइंग कैडर (समाप्त) घोषित कर दिया है।
सरकारी आदेश और कार्रवाई
आदेश के अनुसार, इन पदों पर नियम विरुद्ध नियुक्ति करने पर कलेक्टर, कमिश्नर या विभागाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने यह निर्णय वित्तीय भार कम करने के उद्देश्य से लिया है।
समाप्त किए गए पदों का विवरण
- कार्यभारित पद: 16,810
- आकस्मिकता निधि पद: 55,808
- संविदा / कोटवार पद: 34,497
वर्तमान कर्मचारियों की स्थिति
इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं यथावत रहेंगी। यदि सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होती है, तो उनके आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति भी दी जाएगी।
फैसले का उद्देश्य
सरकार का मानना है कि अब निर्माण और अन्य परियोजनाएं टेंडर आधारित हो चुकी हैं, जिससे पुराने कार्यभारित पदों की आवश्यकता नहीं रह गई है।
इससे सरकारी खजाने पर अनावश्यक वित्तीय बोझ कम होगा और कानूनी विवादों तथा नियमितीकरण की मांगों पर भी रोक लगेगी।
नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई कलेक्टर, कमिश्नर या विभागाध्यक्ष नियमों के विरुद्ध नियुक्ति करता है, तो उस पर सिविल सेवा आचरण नियम 1966 के नियम-14 के तहत कठोर कार्रवाई होगी।
इसमें वेतनवृद्धि रोकना या सेवा से पृथक करना शामिल है।
डाइंग कैडर के अंतर्गत आने वाले पद
- कार्यभारित पद: सड़क, सिंचाई और निर्माण परियोजनाओं के लिए बनाए जाते हैं, कार्य समाप्त होते ही स्वतः खत्म हो जाते हैं।
- आकस्मिकता निधि पद: इनका वेतन नियमित बजट से नहीं बल्कि अस्थायी निधि से दिया जाता है।
- संविदा / कोटवार पद: निश्चित अवधि के अनुबंध पर आधारित भर्ती होती है।



