एमपीपीएससी राज्य इंजीनियरिंग सर्विस एग्जाम 2025: उम्मीदवारों की संख्या में गिरावट और परीक्षा में बदलाव
एमपीपीएससी राज्य इंजीनियरिंग सर्विस एग्जाम 2025 में 32 पदों के लिए सिर्फ 2500 उम्मीदवार शामिल होंगे, जबकि पिछले साल सिर्फ 23 पदों के लिए 8000 आवेदन आए थे। यानी इस बार 5000 से अधिक उम्मीदवारों की संख्या में गिरावट आई है। इसका परिणाम यह हुआ कि जो परीक्षा पहले प्रदेश के चार जिलों में होने वाली थी, वह अब सिर्फ इंदौर में होगी। भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में अब परीक्षा नहीं होगी।
पीएससी ने 20 जनवरी से 19 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन करवाए थे। इस परीक्षा के जरिए जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और किसान कल्याण व कृषि विकास विभाग में सहायक अभियंता (सिविल), सहायक अभियंता (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) और सहायक कृषि अभियंता के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह परीक्षा एक सत्र में ऑफलाइन पद्धति से (ओएमआर शीट आधारित) आयोजित की जाएगी।
पीएससी ओएसडी डॉ. रवींद्र पंचभाई का कहना है कि अब परीक्षा 22 मार्च को सिर्फ इंदौर में होगी। संशोधित अधिसूचना जारी की गई है।
पदों की लगातार गिरावट
राज्य इंजीनियरिंग सर्विस एग्जाम में पदों की संख्या लगातार घट रही है। 2021 में 493 पदों की रिकॉर्ड संख्या थी, लेकिन 2022 में यह घटकर 36 रह गई। 2023 में कोई वैकेंसी नहीं आई, और 2024 में सिर्फ 23 पद दिए गए। इस बार भी केवल 32 पद दिए गए हैं, जबकि 400 पदों की मांग थी।
सहायक प्रोफेसर के पदों की बंपर वैकेंसी का असर
सहायक प्रोफेसर की बंपर वैकेंसी का असर यह हुआ है कि सेट (स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट) देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 30 से ज्यादा विषयों के लिए 1 मार्च को SET परीक्षा होगी। इस परीक्षा में 1 लाख 46 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। एडमिट कार्ड 20 फरवरी से ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। पिछली साल 1 लाख 21 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इस बार परीक्षा प्रदेशभर के 12 संभागीय मुख्यालयों में होगी।