शताब्दी और जन शताब्दी कोच वंदे भारत जैसी सुविधाओं से होंगे अपग्रेड
राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस की तर्ज पर अब वंदे भारत जैसी ट्रेनों में यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत वंदे भारत ट्रेन में ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा (OBHS) लागू की जाएगी, जैसा कि राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में होता है।
मौजूदा मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के OBHS सिस्टम को सीधे वंदे भारत में लागू नहीं किया जाएगा। इसके बजाय प्रीमियम सेवाओं के लिए मानकीकृत तैनाती नीति अपनाई जाएगी। यह नई व्यवस्था भविष्य में अमृत भारत और स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों में भी लागू की जा सकती है।
पूर्व मध्य रेल और उत्तर रेलवे की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद रेलवे बोर्ड ने 25 नवंबर
रेलवे बोर्ड को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, यात्री अनुभव सुधारने पर बढ़ते फोकस को ध्यान में रखते हुए वंदे भारत चेयर कार और स्लीपर में OBHS कर्मचारियों के लिए मानकीकृत तैनाती नीति अपनाने का सुझाव दिया गया है।
इसमें प्रस्ताव किया गया है कि हर कोच में एक OBHS कर्मचारी, हर ट्रेन में एक एग्जीक्यूटिव हाउसकीपिंग कर्मचारी, और स्लीपर वंदे भारत में हर कोच में एक लिनन अटेंडेंट तैनात किया जाए।
इन उपायों का उद्देश्य यात्रियों को साफ-सुथरी, आरामदायक और प्रीमियम यात्रा अनुभव प्रदान करना है।



