दो भारतीय पत्रकारों को मिला पुलित्जर पुरस्कार
दो भारतीय पत्रकारों ने पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आनंद आरके और सुपर्णा शर्मा को डिजिटल निगरानी और साइबर धोखाधड़ी को उजागर करने के लिए यह सम्मान दिया गया है।
पुलित्जर पुरस्कारों की घोषणा 5 मई को की गई थी, जिसमें दुनिया भर की उत्कृष्ट पत्रकारिता को मान्यता दी गई।
इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग एंड कमेंट्री श्रेणी में सम्मान
आनंद आरके और सुपर्णा शर्मा को यह पुरस्कार इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग एंड कमेंट्री श्रेणी में मिला है। उन्होंने यह सम्मान ब्लूमबर्ग की पत्रकार नताली ओबिको पियर्सन के साथ साझा किया।
पुलित्जर पुरस्कार की वेबसाइट के अनुसार, ब्लूमबर्ग के लिए तैयार की गई उनकी रिपोर्ट ‘ट्रैप्ड’ एक भारतीय न्यूरोलॉजिस्ट की भयावह कहानी को दर्शाती है, जिन्हें डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया गया था।
इस रिपोर्ट ने तस्वीरों और लेखन के माध्यम से डिजिटल निगरानी और साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते वैश्विक खतरे को प्रभावशाली तरीके से उजागर किया।