आपके मकान को मिलेगा यूनिक नंबर
1 मई से 30 मई के बीच यदि कोई व्यक्ति आपके दरवाजे पर चॉक या मार्कर लेकर आता है, तो इसे केवल एक सामान्य सरकारी प्रक्रिया न समझें। यह नंबर आपके घर को सरकारी नक्शे पर एक यूनिक लोकेशन पहचान प्रदान करेगा।
देश और प्रदेश के साथ इंदौर में भी 1 मई से मकानों की गणना शुरू हो गई है। जनगणना से पहले होने वाली यह आवास गणना प्रक्रिया 30 मई तक चलेगी।
इंदौर में सर्वे की प्रमुख जानकारी
- इंदौर नगर निगम सीमा में 22 जोन और 85 वार्डों में सर्वे किया जाएगा।
- कुल 3865 ब्लॉक बनाकर यह कार्य किया जा रहा है।
- प्रत्येक ब्लॉक का नक्शा तैयार किया गया है, जिसका पहले मिलान किया जाएगा।
- डोर-टू-डोर सर्वे डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
- एक ब्लॉक में औसतन 200 मकान या 700-800 जनसंख्या शामिल होगी।
- निगम सीमा में लगभग 8 लाख मकानों तक सर्वे टीम पहुंचेगी।
निगम के अपर आयुक्त और प्रभारी एन.एन. पांडे के अनुसार जनगणना के लिए 30 दिन का समय निर्धारित किया गया है। आईएमसी क्षेत्र के लिए नगर निगम आयुक्त मुख्य जनगणना अधिकारी हैं।
- कुल 4269 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
- हर 6 ब्लॉक पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है।
- सर्वे कर्मचारियों को तीन स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया है।
- प्रत्येक कर्मचारी को हाउस लिस्टिंग ब्लॉक का नक्शा प्रदान किया गया है।
- प्रतिदिन का कोई निश्चित लक्ष्य नहीं है, लेकिन 20 मकान प्रतिदिन करने पर 10-15 दिन में सर्वे पूरा हो सकता है।
आम नागरिकों के लिए फायदे
1. इमरजेंसी सेवाओं में तेजी
एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस को आपके घर का पता ढूंढने में आसानी होगी। यूनिक नंबर से वे सीधे सटीक लोकेशन तक पहुंच सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी।
2. ड्रोन और ई-कॉमर्स डिलीवरी
भविष्य में ड्रोन डिलीवरी शुरू होने पर यह नंबर एक डिजिटल एड्रेस की तरह काम करेगा, जिससे पार्सल की डिलीवरी अधिक तेज और सटीक होगी।
3. सरकारी योजनाओं का लाभ
सटीक डेटा मिलने से सरकार को उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जहां सुविधाएं कम हैं। इससे पानी, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाओं का बेहतर विकास हो सकेगा।
4. मालिकाना हक और रिकॉर्ड
यह प्रक्रिया मकान के मालिकाना हक और किरायेदारी से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करेगी, जिससे भविष्य में संपत्ति संबंधी कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
5. सुव्यवस्थित नागरिक सेवाएं
कचरा संग्रहण (डोर-टू-डोर) और अन्य नगर निगम सेवाओं की निगरानी इस यूनिक आईडी के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।