वीडी सतीशन बने केरल के नए मुख्यमंत्री
चुनाव परिणामों के बाद 10 दिनों तक चले सस्पेंस और अटकलों के बाद कांग्रेस पार्टी ने 14 मई को वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री नियुक्त करने की घोषणा की।
सतीशन को केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की ऐतिहासिक वापसी का मुख्य चेहरा माना जा रहा है।
हालांकि पार्टी के भीतर एक वर्ग केसी वेणुगोपाल के नाम पर भी विचार कर रहा था, लेकिन अंततः सतीशन के नाम पर सहमति बनी।
केरल की राजनीति में लगभग एक दशक से जारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के शासन को समाप्त करते हुए यूडीएफ ने विधानसभा चुनाव में 140 में से 102 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
केरल राजनीति का अनुभवी चेहरा
वीडी सतीशन केरल की राजनीति का एक जाना-माना और अनुभवी चेहरा हैं। पेशे से वकील सतीशन अपनी साफ-सुथरी छवि और तार्किक बहस के लिए पहचाने जाते हैं।
वह वर्ष 2021 से 2026 तक केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्य कर चुके हैं।
सतीशन एर्नाकुलम जिले की परावुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं और वर्ष 2001 से लगातार इस सीट से विधायक चुने जा रहे हैं।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
वर्ष 1964 में कोच्चि के पास नेटूर में जन्मे सतीशन ने छात्र राजनीति के माध्यम से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
उन्होंने नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से जुड़कर राजनीति में कदम रखा।
सतीशन ने सोशल वर्क और कानून की पढ़ाई की तथा केरल हाई कोर्ट में वकील के रूप में भी अभ्यास किया।
सहयोगी दलों का भी मजबूत समर्थन
सतीशन को केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का ही नहीं, बल्कि सहयोगी दलों जैसे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और केरल कांग्रेस (जोसेफ) का भी मजबूत समर्थन प्राप्त है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री के रूप में वह केरल के विकास और शासन को किस नई दिशा में आगे बढ़ाते हैं।