मैं सिविल इंजीनियरिंग की स्टूडेंट हूँ। मैं इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा (आईईएस) देना चाहती हूँ। कृपया मार्गदर्शन दें।

निश्चित रूप से आप इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा (आईईएस ) देकर अच्छे करियर की डगर पर आगे बढ़ सकती हैं। वे छात्र जो इंजीनियर बनकर इंजीनियरी से संबंधित सर्वोच्च गर्वमेंट सर्विस में जाना चाहते हैं, उनके लिए इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा सबसे अच्छा विकल्प है। यह परीक्षा यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) द्वारा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा के माध्यम से वर्ग-1 सिविल इंजीनियरी, वर्ग-2- मेकेनिकल इंजीनियरी, वर्ग-3- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरी एवं वर्ग-4-इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरी जैसे प्रतिष्ठित वर्गों में सेवा का मौका मिलता है। आईईएस परीक्षा के लिए उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष से 30 वर्ष के बीच होना चाहिए। परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता इंजीनियरी में स्नातक या समकक्ष है। इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा तीन चरणों में होती है। प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा इंटरव्यू। आईईएस की प्रारंभिक परीक्षा अब्जेक्टिव पैटर्न पर होती है। प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होते हैं। पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन तथा इंजीनियरिंग एप्टीट्यूट का होता है। यह 200 अंकों का होता है। इसे हल करने हेतु दो घंटे का समय दिया जाता है। इस प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान तथा इंजीनियरिंग की आधारभूत जानकारी से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। दूसरा प्रश्नपत्र इंजीनियरिंग के चार वर्गों में से आपके द्वारा चुने गए इंजीनियरिंग विषय से संबंधित होता है। यह 300 अंकों का होता है। इसे हल करने हेतु तीन घंटे का समय दिया जाता है। इस प्रकार प्रारंभिक परीक्षा 500 अंकों की होती है। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होती है। प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होते हैं। प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम मैरिट में नहीं जोड़े जाते हैं। मुख्य परीक्षा वर्णात्मक प्रकार की होती है। इस परीक्षा में आपके विषय से संबंधित इंजीनियरिंग के दो प्रश्नपत्र होते हैं। दोनों प्रश्न पत्र 300-300 अंकों के होते हैं। प्रत्येक प्रश्नपत्र को हल करने हेतु तीन घंटे का समय दिया जाता है। मुख्य परीक्षा 600 अंकों की होती है। इंटरव्यू (व्यक्तित्व परीक्षण)- मुख्य परीक्षा के आधार पर अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवार इंटरव्यू जो अधिकतम 200 अंकों का होता है, के लिए आमंत्रित किए जाते हैं। मुख्य परीक्षा के अंक तथा इंटरव्यू के अंकों को जोड़कर मैरिट बनाई जाती है। परीक्षा की तैयारी हेतु अच्छी रणनीति बनाइए। इंजीनियरिंग प्रश्नपत्रों की तैयारी के लिए आपके द्वारा इंजीनियरिंग की डिग्री की पढ़ाई करते समय जो स्तरीय पुस्तकें पढ़ी गई हैं, उन्हें आधार बनाइए। सामान्य ज्ञान की तैयारी के लिए कक्षा 6 से 12वीं तक की NCERT की पुस्तकें, प्रतिष्ठित न्यूज पेपर एवं मासिक पत्रिका प्रतियोगिता निर्देशिका का अध्ययन करें। ऊर्जा एवं पर्यावरण, साइंस एंड इंजीनियरिंग, औद्योगिक विकास, इंजीनियरिंग एवं ईगवर्नेंस तथा करंट अफेयर्स से संबंधित प्रश्न इस परीक्षा में बड़ी संख्या में पूछे जाते हैं। यदि अच्छे अध्ययन संदर्भों से एवं पूरे समर्पण एवं मनोयोग से इंजीनियरिंग सर्विस एग्जामिनेशन की तैयारी की जाए तो करियर की ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती है ।

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