16वें वित्त आयोग के तहत 2026-27 के बजट में केवल ₹17,285 करोड़ की वृद्धि
16वें वित्त आयोग के तहत 2026-27 के बजट में केवल ₹17,285 करोड़ की वृद्धि
19 फरवरी को पेश किए गए 2026-27 के बजट में 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों के लिए केवल ₹17,285 करोड़ की वृद्धि की झलक मिली है। यह आंकड़ा राज्यों की 50% हिस्सेदारी की उम्मीदों से कम है, क्योंकि केंद्र ने विभाज्य पूल में 41% हिस्सेदारी को बरकरार रखा है।
16वें वित्त आयोग के मुख्य बिंदु:
- स्थिर हिस्सेदारी: 16वें वित्त आयोग ने केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण (Vertical Devolution) में राज्यों की हिस्सेदारी को 41% पर स्थिर रखा है।
- अनुदान में वृद्धि: केंद्रीय बजट 2026-27 में राज्यों को स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन के लिए ₹1.4 लाख करोड़ का अनुदान आवंटित किया गया है।
- दक्षिणी राज्यों को लाभ: 16वें वित्त आयोग ने आर्थिक प्रदर्शन को पुरस्कृत करने की दिशा में बदलाव किया है, जिससे दक्षिणी राज्यों (कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश) को कर हस्तांतरण में वृद्धि का लाभ मिला है, जबकि कुछ अन्य राज्यों के हिस्से में कमी आई है।
- बड़ा झटका: 18 राज्यों ने अपने विकास कार्यों के लिए केंद्रीय करों में 41% से बढ़ाकर 50% हिस्सेदारी की मांग की थी, जिसे आयोग ने अस्वीकार कर दिया, जिससे राज्यों को उम्मीद के मुताबिक पैसा नहीं मिला।