पुरानी चांदी से ही नई ज्वेलरी बनवा रहे 80 प्रतिशत ग्राहक
चांदी की कीमतों के चार लाख रुपये के करीब पहुंचने से ग्राहकों का बाजार से रुझान कम हो गया है। आगरा में चांदी की पायल और गहनों की बड़ी मंडी के कारण सराफा बाजार पूरी तरह ठंडा है। सहालग के बावजूद बाजार में मांग बीते साल के मुकाबले केवल 20 प्रतिशत ही है। जो ग्राहक आ रहे हैं, वे हल्के गहने ही खरीद रहे हैं। ज्यादातर ग्राहक पुरानी चांदी लाकर उसी से नई ज्वेलरी बनवा रहे हैं और केवल मेकिंग चार्ज दे रहे हैं।
चांदी की कीमतों में पिछले एक साल में आए उछाल के कारण इस साल सहालग के दौरान बाजार में सन्नाटा है। पहले पुराने शहर के किनारी बाजार, नमक की मंडी, फाटक सूरजभान, शाहगंज आदि की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखती थी, लेकिन अब केवल कुछ ग्राहक ही पुरानी चांदी लाकर आ रहे हैं।
सहालग में चांदी की पायल की मांग सबसे अधिक थी। 50 से 100 ग्राम वजन की पायलें पहले 6 से 7 हजार रुपये में बिकती थीं, लेकिन अब 100 ग्राम पायल की कीमत करीब 40 हजार रुपये हो गई है। ऐसे में ग्राहक बाजार से दूर हैं और बजट कम होने के कारण हल्की पायल खरीदने से भी कतरा रहे हैं।
नए ग्राहक लगभग गायब
नए ग्राहक बाजार से लगभग गायब हैं। अब ज्यादातर लोग पुरानी चांदी लाकर सिर्फ मेकिंग चार्ज देकर नई ज्वेलरी बनवा रहे हैं।
देवेंद्र गोयल, मंत्री, श्री सराफा कमेटी:
- पायल की मांग 80 प्रतिशत तक कम हो गई है।
- 100 ग्राम पायल की कीमत अब लगभग 40 हजार रुपये है, इसलिए कारोबार लगभग बंद है।
- फैक्ट्रियां लगभग 80 प्रतिशत बंद हो चुकी हैं।