देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के छात्रों को बीकॉम, बीए और बीएससी जैसे स्नातक प्रथम वर्ष के यूजी कोर्स की परीक्षाओं के फॉर्म भरने में परेशानियाँ आ रही हैं। 20,000 से अधिक छात्र अब भी फॉर्म नहीं भर पाए हैं। इसका मुख्य कारण है प्रमुख विषयों की संख्या बढ़कर तीन हो जाना और माइनर विषयों की संख्या एक से बढ़कर दो हो जाना। इसके अलावा पहली बार मल्टी डिसिप्लिनरी और वोकेशनल विषयों को भी शामिल किया गया है। छात्रों को इन विषयों में से एक-एक विषय चुनना है, लेकिन कई छात्रों ने वोकेशनल में से दोनों विषय चुन लिए। इससे तकनीकी समस्याएँ पैदा हो रही हैं। अब कॉलेजों को यूनिवर्सिटी ने पूरी गाइडलाइन भेजी है और स्नातक प्रथम वर्ष के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 28 फरवरी तक बढ़ा दी है।
हालांकि, यह केवल स्नातक प्रथम वर्ष के लिए लागू रहेगा। स्नातक द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 10 फरवरी ही रहेगी, उसके बाद लेट फीस लागू होगी। लेट फीस ₹100 से ₹1,000 तक होगी। तृतीय और चतुर्थ वर्ष की परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू होंगी, जबकि द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं 16 अप्रैल से शुरू होंगी। सबसे आखिरी में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
2021 में लागू की गई नई शिक्षा नीति के बाद कई बदलाव एक साथ हुए हैं, जिससे छात्र, कॉलेज और कियोस्क सेंटर भी पूरी तरह से इस बदलाव को समझने में सक्षम नहीं हो पाए हैं। इस कारण से छात्रों को फॉर्म भरने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। इस बार परीक्षा पैटर्न पूरी तरह से बदल चुका है। फाउंडेशन में केवल हिंदी और अंग्रेजी के विषय हैं, जबकि योग और महिला सशक्तिकरण जैसे विषय अब खत्म कर दिए गए हैं। अब ये विषय एक साथ, एक ही दिन नहीं होंगे।