एथेनॉल मिश्रण से 19 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत


एथेनॉल मिश्रण से 19 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने एथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2025 में लगभग 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल किया है। इसके चलते पिछले एक दशक में लगभग 19.3 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत हुई और किसानों को 15 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का सीधा भुगतान किया गया।

गोवा में आयोजित चौथे इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मंत्री पुरी ने स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को आर्थिक सुरक्षा के साथ संतुलित करने की भारत की रणनीति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि भारत जैव ऊर्जा के व्यापक विस्तार के तहत अपने कंप्रेस्ड बायोगैस लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जहां नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी वैश्विक बिजली उत्पादन में पांचवें हिस्से से बढ़कर लगभग एक-तिहाई हो गई है, वहीं बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पारंपरिक ऊर्जा स्रोत अभी भी आवश्यक हैं।

भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं पर बात करते हुए मंत्री पुरी ने कहा कि 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी 30–35 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है, जो कुल वैश्विक ऊर्जा मांग का लगभग 10 प्रतिशत होगी।

इस मांग को पूरा करने के लिए सरकार पूरे ऊर्जा मिश्रण में क्षमता का विस्तार कर रही है। इसमें 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावॉट तक बढ़ाने का लक्ष्य शामिल है। इसे एटॉमिक एनर्जी बिल 2025 (SHANTI) का समर्थन प्राप्त है, जो देश के परमाणु कानूनी ढांचे का आधुनिकीकरण करता है।

मंत्री पुरी ने अपस्ट्रीम क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों का भी उल्लेख किया, जिनमें ऑयलफील्ड्स (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) संशोधन अधिनियम, 2025 शामिल है। इस अधिनियम के तहत एकल पेट्रोलियम लीज और दीर्घकालिक स्थिरता का प्रावधान किया गया है। गहरे समुद्री क्षेत्रों में हालिया अन्वेषण दौरों के प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जहां 2021 के बाद कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ईंधन की कीमतें बढ़ीं, वहीं 2025 में दिल्ली में ईंधन की कीमतें 2021 से कम रहीं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 100 मिलियन से अधिक लाभार्थियों के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतें लगभग 5.5 से 6 अमेरिकी डॉलर पर बनाए रखी गई हैं, जो विश्व में सबसे कम में से एक हैं।

पेट्रोलियम क्षेत्र अब बंदरगाहों पर वजन के आधार पर भारत के कुल व्यापार वॉल्यूम का 28 प्रतिशत हिस्सा रखता है। जहाज़ निर्माण के लिए 8 अरब अमेरिकी डॉलर के सरकारी पैकेज के साथ, तेल और गैस व्यापार के लिए आवश्यक लगभग 60 जहाज़ों हेतु 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश अवसर चिन्हित किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) से 2030 तक 105 अरब अमेरिकी डॉलर के राजस्व का अनुमान है। यह क्षेत्र FY19 में 40.4 अरब डॉलर से बढ़कर FY24 में 64.6 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसमें 9.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में इस क्षेत्र में 2.8 मिलियन से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं।

अंत में मंत्री पुरी ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक सामूहिक प्रगति के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और वैश्विक स्तर पर लाभकारी समाधान विकसित करने का मंच बनेगा। इससे पहले उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत तथा यूएई के उद्योग एवं उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री सुल्तान अल जाबेर से भी मुलाकात की।




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