भारत में एआई विकास के लिए दिग्गज कंपनियों ने खोली तिजोरी
भारत में एआई के ढांचागत विकास और इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनता दिख रहा है। समिट के तीसरे दिन ही देश-दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों ने बड़े निवेश की घोषणाएं कीं।
गूगल का बड़ा दांव
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत और अमेरिका के बीच एआई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए सब-सी केबल रूट की घोषणा की। उन्होंने दो करोड़ सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और 1.1 करोड़ छात्रों को सहायता प्रदान करने का भी वादा किया।
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (विजाग) में घोषित 15 अरब डॉलर के एआई हब में एक गीगावाट-स्केल कंप्यूट फैसिलिटी और इंटरनेशनल सब-सी केबल गेटवे स्थापित किया जाएगा।
माइक्रोसॉफ्ट का 50 अरब डॉलर निवेश
माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने घोषणा की कि कंपनी इस दशक के अंत तक ग्लोबल साउथ देशों में एआई विस्तार के लिए 50 अरब डॉलर का निवेश करेगी।
भारत में 2025 तक 56 लाख लोगों और 2030 तक दो करोड़ भारतीयों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। माइक्रोसॉफ्ट एलिवेट फॉर एजुकेटर्स कार्यक्रम के तहत दो लाख से अधिक स्कूलों में 20 लाख शिक्षकों को सहायता दी जाएगी।
क्वालकॉम और स्टार्टअप ईकोसिस्टम
ग्लोबल चिप कंपनी क्वालकॉम ने भारत में एआई और टेक स्टार्टअप्स के लिए 15 करोड़ डॉलर (लगभग 1,360 करोड़ रुपये) निवेश की योजना बनाई है। यह निवेश क्वालकॉम वेंचर्स के माध्यम से ऑटोमोटिव, आईओटी, रोबोटिक्स और मोबाइल एआई पर केंद्रित होगा।
एनवीडिया चिप्स पर 2 अरब डॉलर खर्च
योट्टा डाटा सर्विसेज ने दिल्ली के पास बन रहे एआई कंप्यूटिंग हब में एनवीडिया के लेटेस्ट चिप्स पर 2 अरब डॉलर से अधिक खर्च करने की घोषणा की।
अगस्त तक 20,736 लिक्विड-कूल्ड एनवीडिया ब्लैकवेल अल्ट्रा जीपीयू लगाए जाएंगे, जिससे भारत उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा।
पीएम मोदी ने किया समिट का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी को एआई इंपैक्ट समिट का उद्घाटन किया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
दर्जनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रधानमंत्री इस समिट में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने वैश्विक कंपनियों के सीईओ के साथ राउंड टेबल बैठक में भाग लिया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, 19 फरवरी को समिट केवल आमंत्रित लोगों के लिए खुली रही। सरकार ने एआई एक्सपो को 21 फरवरी तक बढ़ाया, जिसमें आम जनता सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक भाग ले सकेगी।
भारत-भूटान सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-भूटान मित्रता आपसी विश्वास और सद्भावना पर आधारित है। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के साथ बैठक में एआई के जिम्मेदार उपयोग और वैश्विक कल्याण पर चर्चा हुई।
तोबगे ने भारत को ग्लोबल साउथ के पहले एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए बधाई दी।