खाड़ी देशों को 70 अरब डॉलर का नुकसान, रिकवरी में लग सकते हैं 3–5 साल
युद्ध के कारण खाड़ी देशों को लगभग 70 अरब डॉलर (करीब ₹6.46 लाख करोड़) का नुकसान हुआ है। इस दौरान इन देशों की जीडीपी में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई है।
सऊदी अरब, कतर और यूएई सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इनमें कतर पर सबसे अधिक असर पड़ा है, क्योंकि उसकी लगभग 80% आय तेल और गैस पर निर्भर है।
कतर में रिफाइनरी को ठीक करने में 3 से 5 साल लग सकते हैं। तब तक उसकी निर्यात क्षमता युद्ध से पहले के स्तर से लगभग 17% कम रह सकती है। कतर एनर्जी को अकेले लगभग 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है, जबकि कतर शेयर बाजार को करीब 13 अरब डॉलर का घाटा हुआ है।
सऊदी अरब का तेल उत्पादन 1.04 करोड़ बैरल प्रति दिन से घटकर 80 लाख बैरल प्रति दिन रह गया है, जिससे उसे लगभग 10 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
वहीं, इजराइल के साथ नजदीकी और ईरान के साथ बेहतर संबंधों के कारण भारत को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है।