एआई शक्ति के रूप में भारत का उदय


हल्के में मत लीजिए: एआई शक्ति के रूप में भारत अग्रणी देशों में

यह बिल्कुल सच है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत अब केवल एक उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि एक वैश्विक अग्रणी ताकत के रूप में उभर रहा है। इसे हल्के में लेना भूल होगी। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के 2025 ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी टूल के अनुसार, भारत एआई प्रतिस्पर्धा में अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर है।

भारत के एआई शक्ति बनने के प्रमुख कारण और तथ्य

  • शीर्ष 3 में स्थान: भारत ने कई विकसित देशों को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी एआई शक्ति के रूप में अपनी जगह पक्की की है।
  • एआई प्रतिभा का वैश्विक केंद्र: भारत एआई कौशल प्रसार (AI Skill Penetration) में दुनिया में अग्रणी है और एआई प्रतिभा की उपलब्धता में दूसरे स्थान पर है।
  • स्टार्टअप और डेवलपर इकोसिस्टम: भारत में 4,500 से अधिक एआई स्टार्टअप हैं, और GitHub पर एआई परियोजनाओं में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है।
  • जनरेटिव एआई में तेज़ी: भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में जनरेटिव एआई अपनाने में सबसे आगे है।
  • सरकारी पहलों का मजबूत समर्थन: IndiaAI Mission के तहत सरकार ने 38,000 से अधिक GPUs के साथ एक साझा राष्ट्रीय कंप्यूटिंग सुविधा स्थापित की है, जिससे स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को कम लागत पर एआई संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं।
  • डिजिटल क्षमता का विस्तार: भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र में 60 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं और 1,800 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) मौजूद हैं।
  • स्वदेशी तकनीक का विकास: भारत अपने स्वयं के स्वदेशी एआई प्रोसेसर और मिलिट्री-ग्रेड एआई क्लाउड नेटवर्क विकसित कर रहा है।




पत्रिका

...
Pratiyogita Nirdeshika February 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे
...
Pratiyogita Nirdeshika January 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे