40 वर्ष से कम उम्र के युवा उद्यमियों में भारत ने चीन को पीछे छोड़ा
भारत ने युवा उद्यमियों द्वारा संचालित उच्च-मूल्य (हाई-वैल्यू) कंपनियों की संख्या में चीन को पीछे छोड़ दिया है। विशेष रूप से 40 वर्ष या उससे कम उम्र के उन उद्यमियों के मामले में, जिन्होंने अपने दम पर 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य की कंपनियां खड़ी की हैं।
एवेंडस वेल्थ–हुरुन इंडिया यूटीएच सीरीज–2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 40 वर्ष से कम उम्र के ऐसे 166 युवा उद्यमी हैं, जिन्होंने 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य की कंपनियां स्थापित की हैं, जबकि चीन में ऐसे उद्यमियों की संख्या 140 है। हालांकि, 20 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य वाली कंपनियां चलाने वाले अगली पीढ़ी (नेक्स्ट जेनरेशन) के उद्यमियों की संख्या चीन में भारत से अधिक है।
कुल युवा हाई-वैल्यू उद्यमियों में भारत आगे
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 40 वर्ष से कम उम्र के उन उद्यमियों की कुल संख्या अधिक है, जिन्होंने या तो 10 करोड़ डॉलर की कंपनियां बनाई हैं या 20 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य वाली कंपनियों का संचालन कर रहे हैं। भारत में ऐसे उद्यमियों की संख्या 201 है, जबकि चीन में यह आंकड़ा 194 है।
इसके अलावा, भारत में 83 प्रतिशत उद्यमी पहली पीढ़ी के हैं, जबकि चीन में यह आंकड़ा 72 प्रतिशत है, जो भारत में उद्यमिता संस्कृति की मजबूती को दर्शाता है।
भारत के शीर्ष युवा उद्यमी
रिपोर्ट के अनुसार, अदाणी पोर्ट्स एंड सेज के 38 वर्षीय करण अदाणी 201 भारतीय युवा उद्यमियों की सूची में शीर्ष स्थान पर हैं। एल्केमी के निखिल विश्वनाथन दूसरे स्थान पर और अपोलो हॉस्पिटल्स के हर्षद रेड्डी तीसरे स्थान पर हैं।
31 लाख करोड़ रुपये की कंपनियों का नेतृत्व
हुरुन के अनुसार, सूची में शामिल उद्यमी संयुक्त रूप से 357 अरब डॉलर (लगभग 31 लाख करोड़ रुपये) मूल्य की कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 11 प्रतिशत है। ये कंपनियां कुल मिलाकर 4.43 लाख लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं।
अपोलो हॉस्पिटल्स इस सूची में सबसे बड़ा नियोक्ता है, जहां 42,497 कर्मचारी कार्यरत हैं।
युवा उद्यमिता को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख क्षेत्र
दिलचस्प बात यह है कि भारत और चीन दोनों में युवा उद्यमी लगभग एक जैसी प्रमुख इंडस्ट्रीज में कार्यरत हैं। इनमें अधिकांश कंपनियां सॉफ्टवेयर उत्पाद और सेवाओं के क्षेत्र से जुड़ी हैं।
हुरुन इंडिया के संस्थापक एवं मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा कि नई पीढ़ी भारत में करियर की ऊंचाइयों को नए सिरे से परिभाषित कर रही है। 30 वर्ष की उम्र के कई युवा पहले से ही SaaS, फिनटेक, हेल्थकेयर, स्वच्छ ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और कंज्यूमर ब्रांड्स जैसे क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।