भारत 2030 तक अपर मिडिल-इनकम देश बन जाएगा
भारत की अर्थव्यवस्था लगातार तेजी से बढ़ रही है और हालिया अनुमान इस प्रगति की पुष्टि करते हैं। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2030 तक अपर मिडिल-इनकम देश बन जाएगा और 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन जाएगा। 2024 तक के दशक में भारत ग्लोबल ग्रोथ डिस्ट्रीब्यूशन में 95वें पर्सेंटाइल पर था।
वर्ल्ड बैंक देशों को प्रति व्यक्ति ग्रॉस नेशनल इनकम (GNI) के आधार पर वर्गीकृत करता है। 1990-2024 के बीच उच्च और अपर मिडिल-इनकम देशों की संख्या बढ़ी है। भारत को कम आय वाले देश से 2007 में लोअर-मिडिल-इनकम देश बनने में 60 साल लगे। प्रति व्यक्ति GNI 1962 में $90 से बढ़कर 2007 में $910 हो गई, जो 5.3% की CAGR दर्शाती है। इस अवधि में भारत ने $1 ट्रिलियन का आर्थिक आंकड़ा भी हासिल किया।
आजादी के बाद $1 ट्रिलियन तक पहुंचने में भारत को 60 साल लगे। 2014 में अगले 7 सालों में $2 ट्रिलियन, 2021 में अगले 7 सालों में $3 ट्रिलियन, 2025 में अगले 4 सालों में $4 ट्रिलियन हासिल किए। अगले लगभग 2 सालों में भारत $5 ट्रिलियन तक पहुंच जाएगा। प्रति व्यक्ति आय के मामले में, भारत ने 2009 में $1,000, 2019 में $2,000 हासिल किए। 2026 में यह $3,000 और 2030 तक $4,000 तक पहुंच जाएगा। भारत इस श्रेणी में चीन और इंडोनेशिया के साथ शामिल होगा।
GDP ग्रोथ में उछाल
पिछले दशक में भारत की GDP वृद्धि में लगातार मजबूती दिखी है। औसत रियल GDP ग्रोथ के क्रॉस-कंट्री डिस्ट्रीब्यूशन में भारत की परसेंटाइल रैंक 25 साल में 92वें पर्सेंटाइल से बढ़कर 95वें पर्सेंटाइल हो गई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत अपर मिडिल-इनकम देश बन सकता है। प्रति व्यक्ति GNI की थ्रेशहोल्ड लगभग $4,500 मानी जाती है। इसे हासिल करने के लिए डॉलर के हिसाब से नॉमिनल GDP में लगभग 11.5% की वृद्धि आवश्यक है, जो संभव है।