भारतीय जलवायु वैज्ञानिक वीरभद्रन रामनाथन ने अमेरिका में प्रतिष्ठित क्रैफोर्ड पुरस्कार जीता
अमेरिका में भारतीय मूल के जलवायु वैज्ञानिक वीरभद्रन रामनाथन को 'रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज' द्वारा भू-विज्ञान में 2026 का क्रैफोर्ड पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई है। भू-विज्ञान का नोबेल कहे जाने वाले इस सम्मान में रामनाथन को सुपर-प्रदूषकों और वायुमंडलीय ब्राउन क्लाउड्स पर उनके शोध के लिए सम्मानित किया गया है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग की समझ को नई दिशा मिली।
82 वर्ष के रामनाथन ने 1975 में नासा में काम करते हुए ऐतिहासिक खोज की थी। उन्होंने बताया कि क्लोरोफ्लोरोकार्बन, जो एरोसोल और रेफ्रिजरेशन में इस्तेमाल होते थे, वायुमंडल में CO2 की तुलना में 10,000 गुना अधिक प्रभावी ढंग से गर्मी खींचते हैं।
क्यूबा-अमेरिका बातचीत के बीच तनाव
क्यूबा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी सरकार फिलहाल अमेरिका के साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं कर रही है, लेकिन कुछ शर्तें पूरी होने पर वे इसके लिए तैयार हैं। यह बयान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद आया, जिसमें उन्होंने क्यूबा को तेल देने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने कहा कि वे अनौपचारिक बातचीत के लिए तैयार हैं, ताकि दोनों देशों के बीच सम्मानजनक सह-अस्तित्व बनाए रखा जा सके। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि क्यूबा का संविधान, अर्थव्यवस्था और समाजवादी शासन व्यवस्था बातचीत के बाहर हैं।
क्यूबा वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट, बिजली कटौती, वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति में रुकावट और अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जिससे मार्च 2024 और फरवरी 2025 के बीच अनुमानित नुकसान 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हुआ है।
भारत-इस्राइल वृक्षारोपण पहल
इस्राइल के मोशव नेवातिम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का आयोजन यहूदी त्योहार टू बिशवत के साथ किया गया, जिसमें कम से कम 300 पेड़ लगाए गए। इस आयोजन को भारतीय दूतावास, केरेन कायमेट लेइजराइल और मोशव नेवातिम ने मिलकर आयोजित किया। यह पहल पर्यावरण स्थिरता, सामुदायिक भागीदारी और भारत-इस्राइल लोगों के बीच साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में इस्राइल पर्यावरण मंत्रालय के महानिदेशक रामी रोजेन, भारत के राजदूत जेपी सिंह और बनेई शिमोन क्षेत्रीय परिषद के प्रमुख नीर जमीर शामिल हुए। राजदूत सिंह ने कहा कि ये पेड़ भारत-इस्राइल दोस्ती का स्थायी प्रतीक बनेंगे और आने वाली पीढ़ियों तक इस बंधन को पहुंचाएंगे।
नेपाल पीएम सुशीला कार्की ने जेन-जी विद्रोह को सरकारी विफलता बताया
नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने 8-9 सितंबर को हुए जेन-जी विद्रोह को सत्ता की विफलताओं का आईना बताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवाओं की आकांक्षाओं की उपेक्षा, व्यापक भ्रष्टाचार और सुशासन की कमी के खिलाफ उभरा आक्रोश था।
पीएम ने घोषणा की कि आंदोलन में मारे गए लोगों को शहीद घोषित कर उनके परिवारों को राहत दी गई और आंदोलनकारियों के साथ मांगों को लेकर ऐतिहासिक समझौता किया गया। 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधिकांश लूटे गए हथियार बरामद किए जा चुके हैं और सुरक्षा योजना लागू है। कार्की ने सभी दलों से स्वच्छ और भयमुक्त वातावरण में चुनाव संपन्न कराने का आग्रह किया।