अंतरिक्ष से मिसाइल ट्रैकिंग करेगा स्वदेशी स्टार्टअप दिगंतर
अंतरिक्ष में मलबे की निगरानी करने वाला भारतीय स्टार्टअप दिगंतर अब अंतरिक्ष से ही मिसाइलों की निगरानी के क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहा है। इन दोनों ही क्षेत्रों में उपग्रहों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और दुनियाभर की सरकारें अंतरिक्ष से मिसाइल ट्रैकिंग की अवधारणा में तेजी से रुचि दिखा रही हैं।
यह क्षेत्र अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का एक तेजी से उभरता हुआ हिस्सा बनता जा रहा है, जिसमें सुरक्षा और निगरानी क्षमताओं का विशेष महत्व है।
अंतरिक्ष निगरानी क्षमता का विस्तार
बेंगलुरु स्थित दिगंतर इंडस्ट्रीज के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिरुद्ध शर्मा के अनुसार, कंपनी ने इस वर्ष जनवरी में “स्कॉट” नामक एक अंतरिक्ष सर्विलांस उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया है।
कंपनी 2026–27 के दौरान ऐसे ही 15 अतिरिक्त उपग्रहों को लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिससे उसकी अंतरिक्ष निगरानी क्षमताएं कई गुना बढ़ जाएंगी।
मिसाइल पहचान और समयपूर्व चेतावनी प्रणाली
इसके साथ ही दिगंतर 2026–27 में “अल्बाट्रास” नामक दो उपग्रहों को भी लॉन्च करेगा, जिनकी मदद से मिसाइलों का सटीक तरीके से पता लगाया जा सकेगा और समय रहते चेतावनी जारी की जा सकेगी।
इसके अतिरिक्त, कंपनी “स्काईगेट” भी लॉन्च करेगी, जो जमीन आधारित सेंसरों का एक विस्तारित नेटवर्क होगा। यह नेटवर्क महत्वपूर्ण परिचालन क्षेत्रों में निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
अंतरिक्ष और जमीन आधारित इन तकनीकों के संयोजन से दिगंतर अंतरिक्ष सुरक्षा और निगरानी के क्षेत्र में एक मजबूत प्रणाली विकसित करने की दिशा में अग्रसर है।



