इंदौर मेट्रो और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास से कनेक्टिविटी का नया मॉडल


इंदौर मेट्रोपॉलिटन रैपिड रेल से बनेगा कनेक्टिविटी का मॉडल, हर जिला मेट्रो से जुड़ेगा

20 महीने की उलझन के बाद 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया कि इंदौर में बंगाली से खजराना चौराहे के बीच मेट्रो भूमिगत (अंडरग्राउंड) होगी। यहां से एयरपोर्ट तक मेट्रो का हिस्सा भूमिगत होगा। बंगाली से एमजी रोड तक 3.5 किमी हिस्से को भूमिगत करने पर 865 करोड़ रुपये का जो अतिरिक्त खर्च आएगा, उसे राज्य सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री ने इंदौर के ब्रिलियंट कंवेशन सेंटर में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लगाई। इसके अलावा बीआरटीएस हटाए जाने के बाद एबी रोड पर एलआइजी से नौलखा चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है।

इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का विस्तार

इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का दायरा अब 9,989 से बढ़ाकर 14,550 वर्गकिमी कर दिया गया है। अब रतलाम के पास दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तक मेट्रोपालिटन रीजन का दायरा होगा। इसके विस्तार से पीथमपुर के लिए बदनावर के पीएम मित्रा पार्क सहित रतलाम का औद्योगिक क्षेत्र भी जुड़ जाएगा। इससे उद्योगों के साथ लाजिस्टिक्स को गति मिलेगी।

यह चौथी बार है जब मेट्रोपालिटन एरिया का दायरा बढ़ाया गया है। अब इसमें इंदौर, उज्जैन, देवास, धार व शाजापुर के अलावा रतलाम के पास खाचरोद तक और शाजापुर से मक्सी तक का हिस्सा भी शामिल होगा। इससे इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन भोपाल के मेट्रोपालिटन रीजन से भी जुड़ जाएगा।

तीन अहम प्रोजेक्ट्स

मेट्रो परियोजना:

भूमिगत के लिए नई एजेंसी तय करने में 48 महीने का समय लगेगा। इंदौर में 31.32 किमी मेट्रो रिंग का प्रोजेक्ट 2030 तक पूरा हो पाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए एनडीबी और एडीबी से ₹1,600 करोड़ के दो लोन लिए गए हैं, और अब तीसरे ₹865 करोड़ का लोन लिया जाएगा।

मेट्रोपालिटन रीजन प्लान:

नए सिरे से 14,550 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल का एरिया नोटिफाई होगा। इसके लिए सिचुएशन एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की जाएगी और छह महीने का समय लगेगा।

एलिवेटेड कॉरिडोर:

एलिवेटेड कॉरिडोर की डिजाइन को पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को सबमिट किया जाएगा। अप्रूवल के बाद काम शुरू होगा। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में कॉरिडोर के विस्तार का निर्णय लिया जाएगा।

इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन विस्तार के फायदे

  • इंदौर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा।
  • उज्जैन-रतलाम में हवाई पट्टी बनाई जाएगी।
  • इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, नागदा जंक्शन के साथ शाजापुर और मक्सी स्टेशन भी कनेक्ट होंगे।
  • फूड पार्क और IT सेक्टर का विस्तार होगा।
  • पीथमपुर, नागदा, बड़नगर, बदनावर के पीएम मित्रा पार्क सहित रतलाम से दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तक औद्योगिक विस्तार होगा।
  • इंदौर से दिल्ली और मुंबई तक हाईवे कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
  • उज्जैन, ओंकारेश्वर धार्मिक पर्यटन और देवास के खिवनी अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा।
  • इंदौर, उज्जैन, देवास और उज्जैन चारों डेवलपमेंट अथॉरिटी का कार्य मिलेगा।
  • औद्योगिक विकास के साथ इंटीग्रेटेड टाउनशिप का विकास होगा। बड़े निवेशकों को इस क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

विकास और भविष्य की संभावनाएं

मेट्रो और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से इंदौर औद्योगिक विकास, कनेक्टिविटी और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। जल्द ही एक निवेशक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा ताकि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा सके।




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