मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 11.14% वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय ₹1.69 लाख


मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में जबर्दस्त उछाल: विकास दर 11.14%, प्रति व्यक्ति आय ₹1.69 लाख

18 फरवरी को प्रस्तुत वर्ष 2025-26 का बजट यह दर्शाता है कि मध्य प्रदेश धीरे-धीरे विकसित राज्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश की विकास दर 11.14 प्रतिशत रही।

इस वृद्धि के साथ सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) प्रचलित भाव पर ₹16,69,750 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹15,02,428 करोड़ था। यह प्रदेश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुख्य तथ्य

  • प्रति व्यक्ति आय ₹14,926 की वृद्धि के साथ बढ़कर ₹1,69,050 वार्षिक हो गई, जो 2011-12 में ₹38,497 थी।
  • कृषि, पशुपालन, पर्यटन और उद्योग सहित सभी क्षेत्रों में वृद्धि दर्ज की गई।
  • राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.6 प्रतिशत अनुमानित है।

कृषि क्षेत्र में वृद्धि

प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान 43.09 प्रतिशत है, जो इसे अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाता है।

  • कृषि उत्पादन में 7.99 प्रतिशत वृद्धि हुई।
  • खाद्यान्न उत्पादन 14.68 प्रतिशत बढ़ा।
  • दलहन उत्पादन में 21.90 प्रतिशत और तिलहन उत्पादन में 5.27 प्रतिशत की कमी रही।
  • उद्यानिकी क्षेत्रफल 27.29 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 28.39 लाख हेक्टेयर हुआ।
  • उद्यानिकी उत्पादन 409 लाख टन से बढ़कर 425 लाख टन हुआ।
  • दुग्ध उत्पादन 5.95 प्रतिशत बढ़कर 225.95 लाख टन हुआ।
  • प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता 707 ग्राम प्रतिदिन रही।

औद्योगिक एवं अधोसंरचना विकास

औद्योगिक क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उद्योग अनुकूल वातावरण और अधोसंरचना विकास से निवेश में तेजी आई।

  • 1,028 औद्योगिक इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित।
  • ₹1,17,417 करोड़ के निवेश से 1,77,328 लोगों को रोजगार।
  • ₹30.17 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त, जिनमें से ₹8.57 लाख करोड़ साकार।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई)

जनवरी से सितंबर 2025 के बीच प्रदेश को ₹327.34 करोड़ का एफडीआई प्राप्त हुआ:

  • इंदौर – ₹135.58 करोड़
  • उज्जैन – ₹77.71 करोड़
  • भोपाल – ₹58.52 करोड़

निर्यात में वृद्धि

अक्टूबर 2025 तक निर्यात में 6 प्रतिशत वृद्धि के साथ ₹38,550 करोड़ का निर्यात किया गया।

  • औषधि उत्पाद
  • कृषि उत्पाद
  • इंजीनियरिंग वस्तुएं
  • टेक्सटाइल
  • खनिज आधारित उत्पाद

आर्थिक सुधार के तीन प्रमुख कारण

  1. कृषि अभी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़।
  2. 2025 को उद्योग वर्ष घोषित करने से निवेश और रोजगार में वृद्धि।
  3. सड़क, बिजली और सिंचाई में पूंजीगत व्यय बढ़ने से आर्थिक गतिविधियां तेज।

राजस्व आधिक्य की स्थिति

  • राज्य लगातार राजस्व आधिक्य की स्थिति में।
  • 2021-22 में ₹4,815 करोड़ का राजस्व आधिक्य।
  • 2025-26 में ₹618 करोड़ राजस्व आधिक्य अनुमानित।
  • राज्य करों का हिस्सा जीएसडीपी में 6.39 प्रतिशत।
  • पूंजीगत व्यय 27 प्रतिशत बढ़कर ₹82,513 करोड़ संभावित।
  • जीएसडीपी ऋण अनुपात 31.30 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।




पत्रिका

...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे
...
Pratiyogita Nirdeshika March 2026
और देखे
...
Pratiyogita Nirdeshika February 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे