मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 2025: उद्योग और रोजगार वर्ष पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिया है कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष की थीम पर मनाया जाए। इस अवसर पर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के तहत हुए नवाचारों और गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि "रोजगार के मंदिर हैं उद्योग" के विषय के तहत कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा, उद्यमिता विकास, और युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली सभी गतिविधियों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया जाए। इसके साथ ही प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों से अर्थव्यवस्था में आई गतिशीलता पर भी प्रस्तुति होनी चाहिए।
जुबिन नौटियाल देंगे प्रस्तुति 1 नवंबर को
प्रसिद्ध पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल 1 नवंबर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में श्री कृष्ण के भक्ति पदों के साथ-साथ विकास और विरासत की थीम पर एक ड्रोन शो और आतिशबाजी का आयोजन भी किया जाएगा।
सम्राट विक्रमादित्य महा-नाटक और संगीत कार्यक्रम
2 और 3 नवंबर को लाल परेड ग्राउंड में सम्राट विक्रमादित्य पर एक भव्य महा-नाटक का आयोजन किया जाएगा, इसके अलावा सुगम संगीत की प्रस्तुतियाँ भी होंगी। औद्योगिक विकास और अर्थव्यवस्था की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
कल्याणकारी योजनाओं और हितग्राहियों की भागीदारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह की गतिविधियों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लाभार्थियों को भी शामिल किया जाए। इसके साथ ही प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों की उपलब्धियों को भी कार्यक्रमों में शामिल किया जाए।
विविध प्रदर्शनी और देशज व्यंजन मेला
स्थापना दिवस पर जननायकों के जीवन और योगदान पर प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, "एक जिला-एक उत्पाद", सम्राट विक्रमादित्य, अयोध्या, भारतीय मंदिर स्थापत्य और ऋषि परंपरा पर भी प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
1 से 3 नवंबर तक, अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगे:
- वन मेला
- ड्रोन टेक वर्कशॉप और एक्सपो
- मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला प्रदर्शनी
- मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की प्रदर्शनी
- देशज व्यंजनों का मेला
राज्य के स्थापना दिवस को गर्व, प्रगति और समग्र विकास के रूप में मनाने का उद्देश्य है, जिसमें सभी क्षेत्रों और समुदायों की भागीदारी हो।