महिला अतिथि विद्वानों को 26 हफ्ते का मातृत्व अवकाश वेतन सहित
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में ‘श्रीमती प्रीति साकेत बनाम मध्य प्रदेश राज्य’ मामले में मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के प्रावधानों की तार्किक और संविधान सम्मत व्याख्या की है।
कोर्ट ने यह व्यवस्था दी कि मातृत्व अवकाश का लाभ प्राप्त करने के लिए ‘पिछले 12 महीनों में 80 दिन कार्य करने’ की शर्त राज्य सरकार के अधीन कार्यरत संस्थानों पर लागू नहीं होगी।
यह मामला याचिकाकर्ता श्रीमती प्रीति साकेत से जुड़ा है, जो गवर्नमेंट तिलक पीजी कॉलेज, कटनी में अतिथि विद्वान के रूप में कार्यरत थीं। 5 अप्रैल 2023 को तत्कालीन प्रिंसिपल ने उन्हें 6 महीने का मातृत्व अवकाश वेतन सहित प्रदान किया था।
बाद में, नए प्रिंसिपल ने 16 जून 2023 को आदेश में संशोधन करते हुए इस अवकाश को अवैतनिक घोषित कर दिया।
16 जून 2023 के इस संशोधित आदेश की संवैधानिकता को आर.पी.एस. लॉ एसोसिएट के माध्यम से चुनौती दी गई। इस याचिका की प्रारंभिक सुनवाई न्यायमूर्ति श्री विशाल धगट की खंडपीठ द्वारा की गई।