एमपी में सीएम केयर योजना: 5 साल में 2000 करोड़ रुपये खर्च की तैयारी
मध्य प्रदेश में पहली बार कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ‘सीएम केयर योजना’ का खाका तैयार किया गया है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव को 18 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत करेगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य राज्यों में न जाना पड़े। सरकार की प्रारंभिक योजना के अनुसार अगले 5 वर्षों में लगभग 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त विभाग ने भी प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है और अब इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
6 मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग
जबलपुर कैंसर इंस्टीट्यूट में 600 बेड
जबलपुर मेडिकल कॉलेज के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की क्षमता 200 से बढ़ाकर 600 बेड की जाएगी। यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी कैंसर उपचार केंद्र बनेगा।
स्टेट कार्डियोलॉजी सेंटर की स्थापना
सरकार एक राज्य स्तरीय कार्डियोलॉजी सेंटर स्थापित करेगी, जहां जटिल हृदय सर्जरी और उन्नत उपचार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ऑन्कोलॉजी और कार्डियक विभाग की शुरुआत
इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर के मेडिकल कॉलेजों में ऑन्कोलॉजी, ऑन्को सर्जरी, कार्डियोलॉजी और कार्डियक विभाग शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक विभाग की शुरुआत 100-100 बेड से होगी। भविष्य में नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी।
अंग प्रत्यारोपण की सुविधा
लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़ा और कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए प्रदेश स्तरीय संस्थान स्थापित किया जाएगा। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अंग निकालने (ऑर्गन रिट्रीवल) की सुविधा भी शुरू की जाएगी, जिससे मरीजों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
आधुनिक उपकरण और पीपीपी मॉडल
कैंसर उपचार के लिए आधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल के तहत पेट-सीटी मशीन की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिन मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभागों की कमी है, वहां गैप फिलिंग की प्रक्रिया सीएम केयर योजना के माध्यम से जल्द शुरू की जाएगी।