मध्यप्रदेश राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ और टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर
दिनांक: 6 जनवरी 2026
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अटल-वे पर 625 किमी के टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर को मंजूरी दी है। मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है, ताकि प्रदेश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास, पर्यटन और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
5 जनवरी को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी शामिल हुए। इस बैठक में प्रदेश में भविष्य की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजनाओं और एनएचएआई के लंबित प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की गई। इस समीक्षा से लगभग ₹4,500 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को अधिक व्यापक, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। एनएच निर्माण को गति देने के लिए 5 जनवरी को नई दिल्ली में बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए भोपाल से नई दिल्ली रवाना हो चुके हैं। बैठक में राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, एनएचएआई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मध्यप्रदेश में चल रही और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की गई। विशेष रूप से उन परियोजनाओं पर ध्यान दिया गया जो भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण और वन स्वीकृतियों के कारण लंबित हैं। इन प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से चालू करने पर विशेष जोर दिया गया।
मध्यप्रदेश में कई एनएचएआई प्रोजेक्ट अटके हुए हैं, जिनमें जबलपुर-दमोह, सतना-चित्रकूट, उज्जैन-झालावाड़ जैसे प्रमुख सड़क प्रोजेक्ट शामिल हैं। लगभग ₹4,667 करोड़ के 10 प्रोजेक्ट मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण और वन विभाग की अनुमति की वजह से लंबित हैं। इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।