MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2026 में थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने 26 अप्रैल 2026 को होने वाली राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के लिए थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू करने का बड़ा निर्णय लिया है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर लागू इस सख्त व्यवस्था में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (फिंगरप्रिंट/फेस स्कैन), एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र की जांच, तथा लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग शामिल है, जिससे फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
MPPSC 2026 और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सुरक्षा एवं पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक पहचान और कड़ी तलाशी (फ्रिस्किंग) अनिवार्य कर दी गई है। इस प्रक्रिया के कारण अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।
समय पर रिपोर्टिंग अनिवार्य है, क्योंकि गेट बंद होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम के मुख्य बिंदु:
1. पहला चरण (बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन)
अभ्यर्थियों का फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
2. दूसरा चरण (दस्तावेज जांच)
एडमिट कार्ड और मूल पहचान पत्र का मिलान किया जाएगा।
3. तीसरा चरण (लाइव निगरानी)
परीक्षा केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी निगरानी होगी और ऑब्जर्वर द्वारा लगातार निरीक्षण किया जाएगा।
यह नई व्यवस्था 1.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों पर लागू होगी और अब आयोग की सभी प्रमुख परीक्षाओं में इसे अनिवार्य किया जा रहा है।