मध्य प्रदेश में 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति: शराब मूल्य वृद्धि के लिए अब आयुक्त की मंजूरी की आवश्यकता नहीं
19 फरवरी को, मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए अपनी नई आबकारी नीति जारी की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब कोई नई शराब दुकान नहीं खुलेगी और मौजूदा दुकानों का नवीकरण भी नहीं होगा। अहाते भी नहीं खोले जाएंगे। राज्य की 3553 मदिरा दुकानों का आवंटन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। आरक्षित मूल्य में 20% की वृद्धि की गई है।
विदेशी मदिरा की बॉटलिंग फीस में वृद्धि की गई है। स्पिरिट पर फीस 6 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति प्रूफ लीटर की गई है। वहीं बीयर पर फीस 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति बल्क लीटर की गई है। यह दरें 2026-27 से लागू होंगी। अब ब्रांड की कीमत बढ़ाने के लिए फाइल आबकारी आयुक्त के पास नहीं भेजनी होगी। डिस्लरी पोर्टल पर आवेदन अपलोड करेगी, और सिस्टम अन्य राज्यों की दरों से मिलान करेगा। यदि शर्तें पूरी होती हैं तो स्वचालित रूप से अनुमोदन मिलेगा।
पुराने प्रतिबंध यथावत: नर्मदा नदी के तट से 5 किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानें नहीं खोली जा सकतीं। पवित्र नगरों में भी वर्तमान व्यवस्था जारी रहेगी। नई नीति आगामी वित्तीय वर्ष से प्रभावी होगी।
महुआ शराब को बढ़ावा: आदिवासी स्वसहायता समूहों द्वारा महुआ से बनी शराब को अन्य राज्यों में ड्यूटी फ्री कराने के लिए प्रावधान किया गया है। इसके बदले उन राज्यों की हेरिटेज और विशेष शराब को मध्य प्रदेश में ड्यूटी फ्री किया जाएगा।
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सदन में आबकारी नीति के प्रावधानों की जानकारी दी।