पिछड़ा वर्ग के युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि अब युवाओं को केवल जापान ही नहीं, बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके लिए युवाओं को नियोजक की मांग के अनुरूप डोमेन-स्पेसिफिक स्किल, सॉफ्ट स्किल तथा संबंधित देश की भाषा का गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद चयनित युवाओं का विदेश में नियोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 27 जनवरी को आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित “पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना–2022” के नाम एवं प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।
यह योजना अब “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिये विदेश में रोजगार नियोजन योजना–2026” के नाम से लागू की जाएगी।
योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष अन्य पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को प्रशिक्षण देकर विदेश भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के संचालन के लिए विभागीय बजट के साथ-साथ सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) निधि के उपयोग का प्रावधान किया गया है, जिससे शासकीय कोष पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।
योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) अथवा भारत सरकार से मान्यता प्राप्त अन्य संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा। युवाओं को विदेश भेजने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय द्वारा जारी परामर्शों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस योजना से राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर एवं बेरोजगार अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्य धारा में प्रभावी योगदान दे सकेंगे।



