इंदौर में बाघ गणना शुरू, 21 पगमार्क मिले
18 दिसंबर को बाघों की गणना शुरू होते ही इंदौर के जंगलों से मंगल खबर आई है। इंदौर वन मंडल के 60 वर्ग किलोमीटर के घने जंगल में कुल 103 बीट में बाघों के 21 पगमार्क और तेंदुओं के 74 पगमार्क मिले हैं। यह गणना 24 दिसंबर तक जारी रहेगी।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के निर्देश पर हर चार साल में होने वाली बाघों की गणना इस बार शाकाहारी और मांसाहारी वन्य जीवों की भी गिनती करेगी। इंदौर में बाघ गणना के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत दो दिन की ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल भी की जाएगी।
गणना की प्रक्रिया चार चरणों में
अखिल भारतीय बाघ गणना, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देश पर हर चार साल में आयोजित की जाती है। यह भारत और राज्य सरकारों के वन्य जीवन संरक्षण नीतियों के निर्धारण में मदद करती है। इस वर्ष यह गणना चार चरणों में होगी:
- चरण 1: मैदान में बाघों और अन्य मांसाहारी वन्य जीवों के पद चिन्ह, मल, पेड़ों पर पंजों के निशान, और शिकार के अवशेष एकत्र किए जाते हैं।
- चरण 2: सेटेलाइट आधारित रिमोट सेंसिंग डेटा के माध्यम से वन की क्षति, अवैध कब्जे, वन्य जीवों के कॉरिडोर और मानवीय हस्तक्षेप का आकलन किया जाता है।
- चरण 3: वन्य इलाकों में कैमरा ट्रैप्स के जरिए वन्य जीवों की निगरानी की जाती है। बाघों की विशिष्ट धारियों के आधार पर उनकी पहचान की जाती है और कैप्चर-रिकैप्चर तकनीक से उनकी संख्या का अनुमान लगाया जाता है।
- चरण 4: सभी चरणों से प्राप्त आंकड़ों का सांख्यिकीय विश्लेषण कर एक वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार की जाती है।
इंदौर में तैयारी
इंदौर के वन विभाग के डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने बताया कि "बाघ गणना के लिए पहले ही वन मंडल स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा, 11 और 12 दिसंबर को दो दिन की मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।" गणना के प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारी एसडीओ राला मंडला योहान कटारा और तकनीकी समन्वय की जिम्मेदारी वन रक्षक प्रवीण मीणा को दी गई है।
इस अभियान के तहत इंदौर के वन क्षेत्र में लगभग 100 कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो 700 वर्ग किलोमीटर में से 200 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करेंगे। वन विभाग ने बाघों के संभावित क्षेत्रों को 2 वर्ग किलोमीटर के ग्रिड्स में बांटा है, ताकि कैमरा ट्रैप्स के माध्यम से वन्य जीवों की निगरानी की जा सके। इस कार्य में वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट का सहयोग लिया जा रहा है, और कैमरा ट्रैपिंग का समन्वय वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के बायोलॉजिस्ट प्रोग्राम मैनेजर विवेक तुमसरे कर रहे हैं।



