वायुसेना को सौंपी जाएंगी उत्तराखंड की गौचर व चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियाँ
उत्तराखंड कैबिनेट ने राज्य के विकास और सामरिक महत्व से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें उत्तरकाशी जिले की चिन्यालीसौड़ और चमोली जिले की गौचर हवाई पट्टियों को भारतीय वायुसेना को सौंपने का निर्णय प्रमुख है।
इन हवाई पट्टियों को एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में विकसित किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार के बीच बनी सहमति के तहत इनका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए संयुक्त रूप से किया जाएगा। यह फैसला सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और उड्डयन सुविधाओं को मजबूत करेगा।
ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी
कैबिनेट ने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026’ को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति से राज्य में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
भूमि अधिग्रहण और संसाधन प्रबंधन
विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आपसी सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही औद्योगिक उपयोग के लिए भू-जल निकासी पर शुल्क लगाने का भी निर्णय लिया गया है।
शिक्षा और प्रशासन से जुड़े फैसले
राज्य को शिक्षा का हब बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए देहरादून में ‘जी.आर.डी. उत्तराखंड विश्वविद्यालय’ नाम से एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति दी गई है।
कर्मचारियों के हित में, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति से जिला बदलने की अनुमति दी गई है। इसके लिए न्यूनतम 5 वर्ष की संतोषजनक सेवा अनिवार्य होगी।
इसके अलावा, जनजाति कल्याण विभाग के ढांचे के पुनर्गठन के तहत देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ में चार जिला जनजाति कल्याण अधिकारी के पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।