उपराष्ट्रपति ने जारी किया सिंधी भाषा में संविधान
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति भवन में सिंधी भाषा में संविधान का नवीनतम संस्करण जारी किया। यह संस्करण देवनागरी और फारसी दोनों लिपियों में प्रकाशित किया गया है।
उपराष्ट्रपति ने सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर सिंधी भाषी लोगों को शुभकामनाएं दीं और इस भाषा के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने सिंधी भाषा को सबसे प्राचीन और मधुर भाषाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इसकी साहित्यिक परंपरा वेदांत दर्शन और सूफी विचारधारा के अद्भुत संगम को दर्शाती है, जो एकता, प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देती है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार सिंधी भाषा में, विशेष रूप से देवनागरी लिपि में संविधान का प्रकाशन, भाषाई समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि राष्ट्र की जीवंत आत्मा है।



