महिला एनसीसी अधिकारियों को ड्रोन और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग


महिला एनसीसी अधिकारियों को ड्रोन और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग

देश की इकलौती महिला एनसीसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में अब महिला एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर्स (एएनओ) को ड्रोन उड़ाने और साइबर खतरों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए 75 दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण कोर्स के सिलेबस में पहली बार ड्रोन टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी को शामिल किया गया है।

अब तक यह प्रशिक्षण केवल पुरुष अधिकारियों तक सीमित था, लेकिन अब महिला अधिकारी भी आधुनिक तकनीक में पारंगत होंगी। इस प्रशिक्षण में ड्रोन की संरचना, कंट्रोल सिस्टम, जीपीएस, कैमरा सेंसर के साथ साइबर अटैक, डेटा चोरी और डिजिटल सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी।

कोर्स में बदलाव

अब तक कोर्स में पारंपरिक ड्रिल, वेपन ट्रेनिंग, डिजास्टर मैनेजमेंट, लीडरशिप और एडमिनिस्ट्रेशन जैसे विषय पढ़ाए जाते थे। नए सिलेबस में ड्रोन की संरचना, निर्माण प्रक्रिया, कंट्रोल सिस्टम, जीपीएस, कैमरा सेंसर और बैटरी सिस्टम की जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण में ड्रोन के प्रमुख हिस्सों- फ्रेम, मोटर, प्रोपेलर और कंट्रोल यूनिट- पर विशेष फोकस रहेगा। डिजास्टर मैनेजमेंट में ड्रोन के जुड़ने से सर्वे, रेस्क्यू प्लानिंग और निगरानी जैसे कार्य और प्रभावी होंगे।

आपदा राहत कार्यों में प्रभाव

महिला अधिकारी आगे चलकर देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचकर कैडेट्स को भी इस तकनीक में दक्ष बनाएंगी, जिससे आपदा के समय राहत कार्यों में नई गति मिलेगी। अब तक ओटीए ग्वालियर से 4 हजार से अधिक एएनओ प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं, जो देशभर में एनसीसी कैडेट्स को मार्गदर्शन दे रही हैं।

देशभर में हाईटेक ट्रेनिंग पहुंचेगी

ओटीए ग्वालियर में देशभर से एएनओ प्रशिक्षण के लिए आती हैं। यहां से कोर्स पूरा करने के बाद वे अलग-अलग राज्यों में जाकर बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के कैडेट्स को ट्रेनिंग देती हैं। ऐसे में इन महिला अधिकारियों के माध्यम से ड्रोन और साइबर सुरक्षा जैसी आधुनिक तकनीक देशभर के युवाओं तक पहुंचेगी, जो उनके भविष्य और करियर के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

1964 से महिला सशक्तिकरण की मिसाल

बालिका यूनिट्स की बढ़ती संख्या के कारण अक्टूबर 1964 में ग्वालियर में महिला एनसीसी प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की गई। समय के साथ इसका नाम बदला गया और 2002 में इसे ओटीए ग्वालियर नाम मिला। आज यह संस्थान महिला अधिकारियों को नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

आधुनिक जरूरतों से जोड़ना

ड्रोन और साइबर सिक्योरिटी को सिलेबस में शामिल करना एनसीसी को 21वीं सदी की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। यह बदलाव महिला अधिकारियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर एक मजबूत और आधुनिक कार्यबल तैयार करेगा।

- ब्रिगेडियर विजयंत महाडिक, कमांडेंट, एनसीसी वूमेंस ऑफिसर्स अकादमी




पत्रिका

...
Pratiyogita Nirdeshika February 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे
...
Pratiyogita Nirdeshika January 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे