मैंने दसवीं परीक्षा उत्तीर्ण की है। मैं फार्मेसी में करियर बनाने की रूचि रखता हूँ। इसमें करियर की क्या संभावनाएँ है और मुझे क्या करना चाहिए।

यकीनन कोविड-19 के दौर में देश में फार्मेसी उद्योग छलांगे लगाकर तेजी से आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। कोरोना संकट के समय भारत का फॉर्मा उद्योग पूरी दुनिया के लिए एक संपत्ति की तरह दिखाई दिया है। लॉकडाउन के दो महीनों अप्रैल और मई 2020 में भारत ने अमेरिका, रूस, जर्मनी, इंग्लैंड और ब्राजील सहित दुनिया के 120 से अधिक देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन जैसी कई दवाइयों का निर्यात करके दुनिया की नई फॉर्मेसी के रूप में पहचान बनाई है। यह भी कोई छोटी बात नहीं है कि भारतीय दवा उद्योग मात्रा के आधार पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाज़ार है। एक अनुमान के अनुसार वर्तमान में भारतीय फॉर्मा उद्योग का कारोबार करीब 40 अरब डॉलर से अधिक का है। यदि हम फार्मेसी में करियर के चमकीले मौकों के विभिन्न क्षेत्रों की ओर देखें तो पाते हैं कि ये मौके ड्रग मैन्युफैक्चरिंग, ड्रग रिसर्च, ड्रग मार्केटिंग, फार्माकोविजिलेंस, हॉस्पिटल फार्मेसी और रिसोर्स मैनेजमेंट आदि क्षेत्रों में छलांगे लगाकर बढ़ रहे हैं। रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट के तहत नई-नई दवाइयों की खोज व विकास संबंधी कार्य हैं। ड्रग मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में मॉलिक्युलर बायॉलजिस्ट, फार्मेकॉलजिस्ट, टॉक्सिकॉलजिस्ट या मेडिकल इंवेस्टिगेटर जैसे कार्य हैं। हॉस्पिटल फार्मासिस्ट्स के तहत दवाइयों और चिकित्सा संबंधी अन्य सहायक सामग्रियों के भंडारण, स्टॉकिंग और वितरण के कार्य हैं। क्लिनिकल रिसर्च के तहत नई लॉन्च मेडिसिन के बारे में क्लिनिकल ट्रॉयल व रिसर्च के कार्य हैं। फार्मेसी क्वॉलिटी कंट्रोल के तहत दवाइयों के नतीजे संबंधी सुरक्षा और आशा के अनुरूप उपयोगिता संबंधी नियंत्रण के कार्य हैं। ब्रैंडिंग एंड सेल्स के तहत ड्रग्स व मेडिसिन के सेल्स एंव मार्केटिंग संबंधी कार्य हैं। मेडिकल इन्वेस्टिगेटर के तहत नई दवाइयों के टेस्टिंग व डेवेलपमेंट की प्रक्रिया से संबंधी करियर के मौके हैं। दवाई की दुकान शुरू करने और उसे चलाने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने हेतु फार्मेसी की डिग्री जरूरी है। इन सबके अलावा सरकारी सेक्टर में ड्रग इंस्पेक्टर जैसी कई नौकरियों के लिए भी फार्मेसी की डिग्री अहमियत रखती है। निश्चित रूप से फार्मेसी की अच्छी डिग्री और फॉर्मा सेक्टर में दक्षता के बाद देश ही नहीं, दुनियाभर में चमकीला करियर बनाया जा सकता है। फार्मेसी में करियर बनाने के लिए स्टूडेंट के द्वारा 10वीं के बाद बायोलॉजी, फिजिक्स, केमेस्ट्री ग्रुप या मैथ्स, फिजिक्स, केमेस्ट्री का ग्रुप लिया जाना चाहिए। इसके बाद दो वर्ष का फार्मेसी में डिप्लोमा (डी फार्मा) या फिर चार वर्ष का बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी फार्मा) किया जा सकता है। इसके बाद दो वर्ष का मास्टर इन फार्मेसी (एम फार्मा) किया जा सकता है। मध्यप्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में फार्मेसी के कोर्स उपलब्ध हैं।

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