किसानों को मिली राहत: अब ऋण चुकाना होगा एक बार में
कृषक कल्याण वर्ष में मध्य प्रदेश सरकार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से खरीफ और रबी फसलों के लिए अल्पावधि ऋण लेने वाले लाखों किसानों को बड़ी राहत दे रही है। अब उन्हें वर्ष में दो बार ऋण नहीं चुकाना होगा, बल्कि मई या जून में एक बार ही ऋण अदायगी कर सकेंगे।
सीजनवार ऋण चुकाना
वर्तमान में किसानों को जून में रबी और मार्च में खरीफ ऋण चुकाना होता है। वर्ष 2025 के खरीफ सीजन के लिए अंतिम तिथि 28 मार्च थी, लेकिन गेहूं के उपार्जन में देरी के कारण किसानों ने तिथि बढ़ाने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहकारिता और वित्त विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसी योजना बनाएं, जिससे किसान वर्ष में एक बार दोनों सीजन का ऋण चुका सकें। 91 प्रतिशत किसानों ने पहले ही खरीफ ऋण चुका दिया है।
ऋण वितरण और सहायता
खेती की लागत घटाने के लिए सरकार सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को तीन लाख रुपये तक बिना ब्याज का अल्पकालीन फसल ऋण देती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 35 लाख किसानों को 21,232 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया।
समय पर भुगतान का महत्व
समय पर ऋण न चुकाने से किसानों पर ब्याज का बोझ बढ़ सकता है और उन्हें डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है, जिससे भविष्य में बिना ब्याज ऋण लेने में मुश्किल होगी। सरकार की यह पहल किसानों को वित्तीय बोझ से बचाने और खेती की लागत कम करने में मदद करेगी।



