मुंबई में 44 साल बाद भाजपा को मेयर पद मिला
देश की आर्थिक राजधानी और सबसे संपन्न महानगरपालिका (बीएमसी) में 11 फरवरी को एक नया राजनीतिक इतिहास रचा गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ पार्षद रितु तावड़े निर्विरोध मुंबई की 78वीं महापौर चुनी गईं। इस जीत के साथ ही 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बीएमसी मुख्यालय के शीर्ष पर भाजपा का कब्जा हुआ है। अंतिम बार 1982-83 में भाजपा के डॉ. प्रभाकर पै इस पद पर आसीन हुए थे।
निर्विरोध निर्वाचन
नगर निकाय में सुबह से ही राजनीतिक हलचल रही, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। परिणामस्वरूप रितु तावड़े का निर्वाचन औपचारिकता बन गया। नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने आधिकारिक घोषणा की।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के जन्म शताब्दी वर्ष में बीएमसी में आई भाजपा-शिवसेना महायुति की सत्ता स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन प्रदान करेगी।
मुंबई की राजनीति में बड़ा बदलाव
यह जीत केवल एक पद का चुनाव नहीं, बल्कि मुंबई की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। पिछले ढाई दशक से अधिक समय तक बीएमसी पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का वर्चस्व रहा था।
इस बार भाजपा ने अपनी सहयोगी शिंदे गुट के साथ मिलकर सदन में पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। शिंदे गुट के संजय घाड़ी निर्विरोध उप-महापौर चुने गए हैं।
रितु तावड़े की प्राथमिकताएं
पदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले संबोधन में महापौर रितु तावड़े ने शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्मार्ट तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही।
बीएमसी का पिछला चुनाव 2017 में हुआ था। 2022 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद से प्रशासन आयुक्त के हाथों में था। अब पुनः निर्वाचित प्रतिनिधियों के हाथ में शहर की कमान आ गई है। रितु तावड़े का कार्यकाल ढाई वर्ष का होगा।