देश की पहली म्यूजिकल रोड: गाड़ी चलाते समय सुनिए 'जय हो'
देश को पहली संगीतमय सड़क (म्यूजिकल रोड) मिली है। यह सड़क मुंबई कोस्टल रोड कॉरिडोर पर बनाई गई है। यहां वाहन चलाने पर 'जय हो' गाना सुनाई देता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को इस सड़क का उद्घाटन किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे। यह विचार पूर्व सांसद राहुल शेवाले ने दिया था।
कहां बनी है यह संगीतमय पट्टी?
यह विशेष संगीतमय पट्टी नरीमन पॉइंट से वर्ली की ओर जाने वाली लेन पर बनाई गई है। यह सड़क धर्मवीर स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज के नाम पर है।
जब वाहन तय गति से सड़क पर चलते हैं, तो सड़क में बने विशेष खांचे ध्वनि उत्पन्न करते हैं। इनसे फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' का प्रसिद्ध गीत 'जय हो' सुनाई देता है।
बीएमसी ने क्या कहा?
- यह दुनिया की पांचवीं और भारत की पहली संगीतमय सड़क है।
- यह पट्टी वर्ली सुरंग से बाहर निकलने के लगभग 500 मीटर आगे पहली लेन में बनाई गई है।
- 70-80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन चलाने पर टायर और सड़क के बीच घर्षण से ध्वनि तरंगें बनती हैं, जो वाहन के अंदर साफ सुनाई देती हैं।
- चालकों को पहले से जानकारी देने के लिए 500 मीटर, 100 मीटर और 60 मीटर पहले संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं।
- सड़क पर विशेष आकार और दूरी के खांचे बनाए गए हैं, जिनसे टायर की कंपन से संगीत के सुर उत्पन्न होते हैं।
इंजीनियरिंग और संस्कृति का संगम
बीएमसी ने इसे इंजीनियरिंग और संस्कृति का अनूठा मेल बताया है। कोस्टल रोड का उद्देश्य ट्रैफिक कम करना और यात्रा को तेज बनाना है। अब यह सड़क लोगों को ड्राइविंग का एक अलग और यादगार अनुभव देगी।
संगीतमय सड़क का विचार सबसे पहले 2007 में जापान में आया था। इसके बाद हंगरी, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों में भी ऐसी सड़कें बनाई गईं।